你好! Shipping to Taiwan with premium packaging for just NT$300 

Ship to
Taiwan
0
  • argentina
  • chile
  • colombia
  • españa
  • méxico
  • perú
  • estados unidos
  • internacional

Select your country

Americas

Europe

Rest of the world

portada Shiv Sutra (शिव सूत्र) (in Hindi)
Type
Physical Book
Author
Year
2026
Language
Hindi
Pages
248
Format
Paperback
Dimensions
24.60 x 18.90 x 1.30 cm
ISBN13
9789376967742

Shiv Sutra (शिव सूत्र) (in Hindi)

Osho (Author) · Diamond Pocket Books Pvt Ltd · Paperback

Shiv Sutra (शिव सूत्र) (in Hindi) - Osho

New Book Imported to Taiwan
Delivery: 09 Sep - 17 Sep Shipping: 5 to 6 business days.
NT$ 999
NT$ 999

Synopsis "Shiv Sutra (शिव सूत्र) (in Hindi)"

मशहूर दर्शनशास्त्री और आध्यात्मिक गुरु ओशो ने अपने प्रवचन में जीवन की हर मुश्किलों से निपटने का रास्ता बताया है। वो अक्सर कहा करते थे कि मनुष्य के जीवन में प्रेम से कीमती कोई वस्तु नहीं है। ओशो यह भी कहते थे कि जो मनुष्य पैसे कमाने के लिए यत्न नहीं करता, उसका जीवन निरर्थक है क्योंकि धन जीवन को चलाने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। ओशो कहते थे कि जो कौम बिना कुछ किए बिना पैसे कमाना चाहती है, वो कौम खतरनाक है। ओशो कहा करते थे कि जो आदमी एक रुपए लगाकर बिना कुछ किए एक लाख पाने की चाहत रखता है वो एक अपराधी के समान है। ओशो का कहना था कि धन की चाह जरूर रखनी चाहिए लेकिन उसके लिए व्यक्ति का सृजनात्मक होना बेहद जरूरी है। ओशो के अनुसार, एक सभ्य समाज के लिए धन की बहुत ज़्यादा आश्यकता है। इससे सभ्यता को आगे बढ़ने का मौका मिलता है अन्यथा हम भी जंगलों में भटकते रहते।ओशो कहते हैं कि धन मनुष्य के जीवन में सब कुछ नहीं है लेकिन इसके माध्यम से हम जीवन में सब कुछ खरीद सकते हैं। धन कमाने के लिए सबसे अच्छा जरिया है कि हम एक लक्ष्य तय कर लें और सही तरीके से धन को कमाना अपना ध्येय बना लें। ओशो कहते हैं कि जो व्यक्ति धन को फिजूल बताता है और उसकी निन्दा करता है, उसके अंदर धन कमाने की आकांक्षा समाप्त हो जाती है और वो सफलता पाने से चुक जाता है।

Customers reviews

Frequently Asked Questions about the Book

All books in our catalog are Original.
The book is written in Hindi.
The binding of this edition is Paperback.

Questions and Answers about the Book

Do you have a question about the book? Login to be able to add your own question.

Opinions about Bookdelivery

More customer reviews